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भारतभक्ति संस्थान की स्थापना राष्ट्रीय गौरव की जागृति, भारतीय संस्कृति के वैज्ञानिक एवं सामाजिक पहलुओं की खोज तथा इनके विश्वव्यापी प्रचार-प्रसार के लिए हुई है. इसके लिए बाबाजी के मंचीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, पुस्तकों के अलावा भी अन्य कई माध्यमों का उपयोग किया जाता है. जिनमे चेतना यात्रायें प्रमुख हैं. अभी तक भारतभक्ति संस्थान ने कई संस्थाओ के सहयोग से विभिन्न विषयों के प्रति चेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से कई प्रकार की वाहन एवं पद यात्राओं का आयोजन किया है. यूं तो बाबाजी का सम्पूर्ण जीवन ही एक विश्व्यापी यात्रा की तरह ही है. फिर भी औपचारिक रूप से आयोजित इन अनेकों यात्राओं में से गंगा यात्रा, ब्रह्मपुत्र से गौमती यात्रा, राजस्थान पदयात्रा, झाबुआ की युवा चेतना मोटर सायकल यात्रा, १८५७ क्रांति यात्रा आदि प्रमुख हैं. इन सभी यात्राओं से जो चेतना उत्पन्न हुई उसका उपयोग सम्बंधित संस्थानों ने अपने कार्य विस्तार में किया.